✨ पितृ पक्ष 2025 की सम्पूर्ण जानकारी: श्राद्ध तिथियां व करने योग्य कार्य
- Astro Nakshatra27
- Sep 6, 2025
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पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) हर साल भाद्रपद माह की पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक मनाया जाता है। इस समय अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति, मोक्ष और आशीर्वाद पाने के लिए श्राद्ध, तर्पण, दान और पिंडदान किया जाता है।2025 में पितृ पक्ष 7 सितम्बर से शुरू होकर 21 सितम्बर तक रहेगा।
आइए जानते हैं 2025 के श्राद्ध की सभी तिथियां और उनके महत्व –
📅 पितृ पक्ष श्राद्ध तिथियां 2025

🙏 श्राद्ध करने का महत्व
श्राद्ध से पूर्वजों की आत्मा को तृप्ति मिलती है।
पूर्वज आशीर्वाद देते हैं जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
परिवार में शांति और स्वास्थ्य बना रहता है।

🕉 पितृ पक्ष में क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
तर्पण और पिंडदान – तिल, कुशा, जल और अन्न से पितरों का तर्पण करें।
श्राद्ध और दान – ब्राह्मण, गौ, कुत्ते, गाय, और कौवे को भोजन कराएं।
सत्संग और मंत्रजप – "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" या "ॐ पितृभ्यः नमः" मंत्र का जप करें।
सात्विक भोजन – केवल सात्विक भोजन बनाएं और पहले पितरों को अर्पित करें।
जरूरतमंदों की सेवा – भोजन, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें।
ध्यान और साधना – भगवान विष्णु और यमराज का स्मरण करें।
❌ क्या न करें
मांसाहार और मदिरा – इनका सेवन वर्जित है।
बाल कटाना और दाढ़ी बनाना – पितृ पक्ष में नाखून और बाल काटना अशुभ माना जाता है।
शादियाँ, मांगलिक कार्य – इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।
झूठ और अपमान – किसी से कटु वचन बोलना या अपमान करना पाप होता है।
काले कपड़े पहनना – सफेद या हल्के रंग के वस्त्र अधिक शुभ माने जाते हैं।
रात्रि में श्राद्ध – श्राद्ध कर्म सदैव दिन में करना चाहिए।
नयी वस्तुएं खरीदना - पितृ पक्ष में नयी वस्तुएं नही खरीदनी चाहियें।

✨ पितृ पक्ष का पालन श्रद्धा, सात्विकता और नियमों के साथ करना चाहिए। इस दौरान किए गए श्राद्ध, दान और तर्पण से पितृ प्रसन्न होते हैं और उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।




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