गणेश चतुर्थी 2025 ||शुभ पूजा मुहूर्त||गणेश पूजा विधि एवं मंत्र हिंदी में ||
- Astro Nakshatra27
- Aug 19, 2025
- 2 min read
गणेश चतुर्थी बुधवार, 27 अगस्त 2025 को

मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त - 11:05 पूर्वाह्न से 01:39 अपराह्न
अवधि - 02 घंटे 34 मिनट
गणेश विसर्जन शनिवार, 6
सितम्बर 2025
को एक दिन पूर्व, वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - 01:54 अपराह्न से 08:29 अपराह्न, 26 अगस्त
अवधि - 06 घंटे 34 मिनट
वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - 09:28 पूर्वाह्न से 08:56 अपराह्न
अवधि - 11 घंटे 29 मिनट
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 26 अगस्त 2025 को 01:54 अपराह्न बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त - 27 अगस्त 2025 को 03:44 अपराह्न बजे
गणेश पूजा विधि एवं मंत्र हिंदी में
🪔 गणेश चतुर्थी विस्तृत पूजन विधि
1. पूजन सामग्री
गणेश जी की नई मूर्ति (मिट्टी या धातु की)
पीला/लाल कपड़ा
कलश, नारियल, आम के पत्ते
धूप, दीप, कपूर
गंध (चंदन), अक्षत (चावल)
फूल (लाल, पीले), 21 दूर्वा
पान, सुपारी, नारियल, फल, मिठाई (मोदक)
पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
स्वच्छ जल और गंगाजल
2. प्रारंभ – शुद्धिकरण
पूजा स्थान साफ करें, पीला/लाल कपड़ा बिछाएँ।
कलश में जल भरें, आम के पत्ते लगाएँ और नारियल रखें।
मंत्र पढ़ें:
ॐ आपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।
यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यंतरः शुचिः॥
3. संकल्प
दाहिने हाथ में जल, अक्षत, फूल लेकर संकल्प लें:
मम सर्वविघ्न निवारणार्थ श्रीगणेशपूजनं करिष्ये।
अपना नाम, तिथि, स्थान भी बोलें।
4. गणेश आवाहन मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः।
आवाहयामि संस्थापयामि पूजयामि।
मूर्ति या चित्र को स्थान दें और दीप जलाएँ।
5. आसन, अर्घ्य, पाद्य, आचमन
क्रम से अर्पित करें:
ॐ गणेशाय नमः आसनं समर्पयामि।
ॐ गणेशाय नमः अर्घ्यं समर्पयामि।
ॐ गणेशाय नमः पाद्यं समर्पयामि।
ॐ गणेशाय नमः आचमनीय जलं समर्पयामि।
6. स्नान (अभिषेक)
गंगाजल, पंचामृत से अभिषेक करें।
स्नान मंत्र:
गङ्गे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥
7. वस्त्र एवं आभूषण
ॐ गणेशाय नमः वस्त्रं समर्पयामि।
ॐ गणेशाय नमः आभरणानि समर्पयामि।
8. गंध, अक्षत, पुष्प
ॐ गणेशाय नमः गंधं समर्पयामि।
ॐ गणेशाय नमः अक्षतान् समर्पयामि।
ॐ गणेशाय नमः पुष्पाणि समर्पयामि।
9. दूर्वा अर्पण
21 दूर्वा अर्पित करें:
ॐ एकदन्ताय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि।
10. नैवेद्य
मोदक, लड्डू, फल अर्पित करें:
ॐ गणेशाय नमः नैवेद्यं समर्पयामि।
11. धूप और दीप
ॐ गणेशाय नमः धूपं समर्पयामि।
ॐ गणेशाय नमः दीपं समर्पयामि।
12. प्रमुख स्तोत्र / मंत्रपाठ
वक्रतुण्ड महाकाय मंत्र
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
गणेश गायत्री
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि।
तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
13. आरती
जय गणेश जय गणेश देवा या "सुखकर्ता दुखहर्ता" आरती करें।
14. प्रदक्षिणा और प्रार्थना
तीन बार प्रदक्षिणा करें।
अंतिम प्रार्थना:
ॐ गणेशाय नमः।
त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव॥
15. विसर्जन (गणेश चतुर्थी के अंत में)
मूर्ति को आदरपूर्वक जल में विसर्जित करें या प्राकृतिक मिट्टी में स्थापित करें।
गणपति बप्पा मोरया



Comments